UP Board की ओर से 25 जनवरी से हाईस्कूल कीPrectical Exam (आंतरिक मूल्यांकन) नैतिक शिक्षा, खेल एवं शारीरिक शिक्षा इंटरमीडिएट की खेल एवं शारीरिक शिक्षा के अंकों को विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से अपलोड करने को कहा है। Corona संक्रमण के चलते पूरे साल बंद रहे स्कूलों में बच्चों के नहीं आने से हाईस्कूल की आंतरिक मूल्यांकन की परीक्षा पूरी नही कराई गई है। अब स्कूल के प्रधानाचार्य बिना परीक्षा कराए आंतरिक मूल्यांकन के अंकों को अपलोड करेंगे। ऐसे में बिना Exam कराए ही अंक दे दिए जाएंगे।
अक्तूबर से 9वीं से 12वीं कक्षा के लिए कक्षाएं शुरू होने के बाद भी बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे। ऐसे में आंतरिक मूल्यांकन की Exam पूरी नहीं हो सकी है। बोर्ड की ओर से आंतरिक मूल्यांकन के लिए तिथि घोषित करने के बाद अब छात्रों और स्कूल वालों की परेशानी बढ़ गई है। UP Board, जिला स्तर के अधिकारियों की ओर से बच्चों को बार-बार स्कूल आने के आग्रह के बाद भी अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा।
बच्चों के स्कूल नहीं आने से कक्षाओं में पढ़ाई नहीं हो सकी और प्रैक्टिकल एग्जाम भी नहीं कराई जा सकी। स्कूलों में प्रयोगात्मक परीक्षा कराए बिना ही अब स्कूल वाले प्रयोगात्मक परीक्षा (आंतरिक मूल्यांकन) नैतिक शिक्षा, खेल एवं शारीरिक शिक्षा इंटरमीडिएट की खेल एवं शारीरिक शिक्षा के अंकों को अपलोड करने की तैयारी में हैं।UP Board :- बिना Exam कराए अपलोड होगा हाई स्कूल के आंतरिक मूल्यांकन का अंक
UP Board की ओर से 25 जनवरी से हाईस्कूल की Prectical Exam (आंतरिक मूल्यांकन) नैतिक शिक्षा, खेल एवं शारीरिक शिक्षा इंटरमीडिएट की खेल एवं शारीरिक शिक्षा के अंकों को विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से अपलोड करने को कहा है। Corona संक्रमण के चलते पूरे साल बंद रहे स्कूलों में बच्चों के नहीं आने से हाईस्कूल की आंतरिक मूल्यांकन की परीक्षा पूरी नही कराई गई है। अब स्कूल के प्रधानाचार्य बिना परीक्षा कराए आंतरिक मूल्यांकन के अंकों को अपलोड करेंगे। ऐसे में बिना Exam कराए ही अंक दे दिए जाएंगे।
अक्तूबर से 9वीं से 12वीं कक्षा के लिए कक्षाएं शुरू होने के बाद भी बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे। ऐसे में आंतरिक मूल्यांकन की Exam पूरी नहीं हो सकी है। बोर्ड की ओर से आंतरिक मूल्यांकन के लिए तिथि घोषित करने के बाद अब छात्रों और स्कूल वालों की परेशानी बढ़ गई है। UP Board, जिला स्तर के अधिकारियों की ओर से बच्चों को बार-बार स्कूल आने के आग्रह के बाद भी अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा।
बच्चों के स्कूल नहीं आने से कक्षाओं में पढ़ाई नहीं हो सकी और प्रैक्टिकल एग्जाम भी नहीं कराई जा सकी। स्कूलों में प्रयोगात्मक परीक्षा कराए बिना ही अब स्कूल वाले प्रयोगात्मक परीक्षा (आंतरिक मूल्यांकन) नैतिक शिक्षा, खेल एवं शारीरिक शिक्षा इंटरमीडिएट की खेल एवं शारीरिक शिक्षा के अंकों को अपलोड करने की तैयारी में हैं।

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